Essay On Vigyan Vardan Ya Abhishap

आज हम जानेगे की विज्ञान वरदान या अभिशाप जो एक एक तरह का essay ही है | कुछ लोग इसे चमत्कार से कम नहीं मानते है पर कुछ लोग इसे विनाशकारी भी मानते हैं | जैसा की हम सब जानते है आज के date में विज्ञान यानि की science का युग है। विज्ञान की सहायता से आज के date में लोगो को बड़े पैमाने में रोजगार मिल रहा है। कई बार हम कुछ ऐसा कल्पना करते है जो की हमारे लिए पूरा करना असम्भव होता है। लेकिन विज्ञान द्वारा कई impossible चीजो को possible कर दिया गया है जिससे लोगो को काफी फायदा हो रहा है। लेकिन विज्ञान ने इंसानों को जितनी सुविधाएँ दी है उतना हीं यह लोगो के लिए एक अभिशाप भी बनता जा रहा है। जी हाँ विज्ञान पूरे इंसानी दुनिया को विनाश की ओर भी ले जा रहा है।

यह एक विचार-विमर्श का विषय है की विज्ञान वरदान या अभिशाप | अगर देखा जाये तो विज्ञान को मनुष्यों के लिए वरदान इसलिये कहा जाता है क्योंकि विज्ञान द्वारा कई ऐसी चीजों का आविष्कार किया गया है जो की मानव जीवन को काफ़ी हद आसान बना देता है। आज के date में मनुष्यों द्वारा जो light, phone, computer, laptop, internet, bus, train आदि use किया जा रहा है ये सभी विज्ञान का हीं देन है। यही नहीं अब तो कई ऐसी मशीने भी आ गई है जिससे कई तरह के बिमारियों का इलाज आसानी से किया जा सकता है। computer एक ऐसा electronic मशीन है जिससे आपके सभी ऐसे काम जो की आपको लिख कर करने में काफी वक्त लगता है वो कुछ हीं मिनटों में हीं computer द्वारा पूरा किया जा सकता है।

विज्ञान वरदान है / Science is Blessing

हर चीज के दो पहलू होते हैं, ठीक उसी प्रकार से Science पर भी यह बात लागू होती है | अगर देखा जाये तो पिछले 200 years में Science ने काफी  तरक्की की है और यह कहना सही होगा की Vigyan Vardan है और कई chamatkar दिखा चूका है . तो चलिए सबसे पहले देखते है की कैसे science ने हमारे life को काफी easy बना दिया है :

  • Internet की सुविधा से आप घर पर बैठे बैठे हीं किसी से भी संपर्क कर सकते है यही नहीं आप internet के जरिए घर बैठे पढ़ाई, shopping, job जैसे आदि कई सुविधाओं का लाभ उठा सकते है।
  • पहले लोगो को एक दुसरे तक अपनी बातें पहुचाने के लिए खत लिखना पड़ता था लेकिन अब telephone और mobile के जरिए लोग जब चाहे जिससे चाहे अपनी बात कह सकते है ।
  • आज internet के बदौलत, कई लोग घर से काम कर रहे है जो की indirectly petrol, diesel को बचाता है |
  • ऐसे हीं आज मनुष्य जो भी electronic और machinery चीजो का इस्तेमाल कर रहा है वो सब विज्ञान का हीं देंन है। electronics और machinery items को use करने के लिए बिजली की अव्यश्कता होती है और ये बिजली भी विज्ञान का हीं देन है।
  • गाँव हो या शहर आज घर घर में बिजली की सुविधाएं पहुँच गई है। आज जितने लोग भी चाँद पर जा चुके है वो व सिर्फ विज्ञान की वजह से हीं जा पाएं है  । इस तरह से विज्ञान ने हमे जीवन में कई सारे सुख सुविधायें दी हैं।
  • ऐसे कई सारे बीमारियाँ है जिनका पहले इलाज संभव नहीं था और हजारों लोग मारे जाते थे, पर आज के date में science ने काफी हद तक कई सारी disease का इलाज खोज निकला है |

विज्ञान अभिशाप है / Science is Curse

लेकिन इन सभी सुविधाओं के बावजूद विज्ञान हमारे लिए एक अभिशाप भी है। विज्ञान द्वारा किए गए कई आविष्कारो के कारण आज पूरे देश भर का Pollution और environment Imbalance हो रहा है जो कि पृथ्वी पर रहने वाले मानवो के लिए बहुत हीं खतरनाक साबित होता जा रहा है। लेकिन इसमें विज्ञान की  नहीं बल्कि इंसानों की गलती रहती है। विज्ञान द्वारा किये गए अविष्कारों का आज इंसानों द्वारा दुरुपयोग किया जा रहा है। जैसे की विज्ञान ने तो मनुष्य के हित को ध्यान में रखते हुए अच्छे उपकरणों का इस्तेमाल कर के कई चीजो का invention किया था। लेकिन आज के date में लोग  विज्ञान द्वारा जितने electronic item का आविष्कार किया गया था उसे सिलिकॉन, प्लास्टिक और बहुत से जहरीले पदार्थों का कचरा तैयार कर रहे है जिसके परिणाम बहुत घातक हो सकता है  ।

  • विज्ञान द्वारा हवाई जहाज की जो सुविधाएँ मिल रही है वही सुविधाएँ कभी कभी हमारे लिए जान लेवा हो जाती है। यदि उड़ते हुए विमान में थोड़ा सा भी कोई खराबी आया तो उससे दुर्घटना हो सकती है।
  • इसी तरह से बिजली की नंगे तार को छू लेने से करेंट लगने का डर रहता है।
  • Medicines को तैयार करने के लिए जानवरों पर test किया जाता है और हजारों जानवर को  मारा जा रहा है जो कि जैविक असंतुलन की स्थिति पैदा करता है ।
  • कई चीजो को बनाने के लिए लकड़ी की आव्यश्कता पड़ती है जिसके लिए पेड़ो को काटा जाता है यह भी एक बहुत बड़ी समस्या का कारण बनता जा रहा है।
  • Valuable elements  या फिर mining के लिए  पृथ्वी को गहराई तक खोदा जा रहा है जिससे पर्यावरण संबन्धी दुश्परिणाम सामने आ रहे है ।
  • अनगिनत industrialization और carbonaceous fuels पर based जितने भी traffic system है उसके कारण धरती  का temperature पिछले कुछ दशकों में काफी बढ़ गया है ।
  • Temperature बढ़ने के कारण कई सारे जीवों को जल का अभाव हो रहा है और धीरे धीरे जीव समाप्त हो रहे है ।
  • विज्ञान ने तो Nuclear Power तक बना लिया है जो की अगर गलत हाथों में पड़ जाये तो लाखों लोगो और अनगिनत जीवों की जान minute में ले सकता है |

इस तरह से यदि विज्ञान द्वारा की गई अविष्कारों का सही से इस्तेमाल नहीं किया जायेगा तो परिणाम स्वरुप पूरे विश्व को केवल बर्बादी के सिवाय कुछ और नहीं मिल सकता है । इसलिए अगर आपको बर्बादी से बचना है तो आपको विज्ञान द्वारा की गई अविष्कारों का सही से इस्तेमाल करना होगा। अन्यथा विज्ञान आपके लिए वरदान के साथ साथ अभिशाप भी बन जायेगा ।

Category: Facts

विज्ञान : वरदान या अभिशाप

     विज्ञान एक वरदान – अर्केडियन फरार लिखते हैं- “विज्ञान ने अंधों को आँखों दी हैं और बहरों को सुनने की शक्ति | उसने जीवन को दीर्घ बना दिया है, भय को कम कर दिया है | उसने पागलपन को वश में कर लिया है और रोग को रौंद डाला है |” यह उक्ति सत्य है | विज्ञान की सहायता से असाध्य रोगों के इलाज ढूंढ लिए गए हैं | कई बिमारियों को समूल नष्ट कर दिया गया है |

     रसोई-घर से लेकर मुर्दाघर तक सब जगह विज्ञान ने वरदान ही वरदान बाँटे हैं | विज्ञान की सयाहता से पूरी दुनिया एक परिवार बन गई है | जब चाहे, तब मनुष्य अपने प्रियजनों से बात कर सकता है | घंटे भर में दुनिया का चक्कर लगा सकता है | सैकेंडों में दुनिया-भर को कोई संदेश दिया जा सकता है |

     विज्ञान ने दूरदर्शन, रेडियो, विडियो, ऑडियो, चलचित्र आदि के द्वारा मनुष्य के नीरस जीवन को सरस बना दिया है | चोबिसों घंटे चलने वाले कार्यक्रम, नए-नए सुंदर सुस्वादु  व्यंजन, सुखदायक रंगीन वस्त्र, सौंदर्य-वर्द्धक साधन विज्ञान की ही देन हैं |

विज्ञान : एक अभिशाप – विज्ञान का सबसे बड़ा कहता है – पर्यावरण प्रदूषण | इसके कारण आज शहरों में साँस लेना दूभर हो गया है | हर जगह शोर, गंदगी और बिमारियों का साम्राज्य-सा फैल गया है | कृत्रिम खादों, दवाइयां के कारण भूमि से उत्पन्न अन्न-फल तक दूषित हो गए हैं |

     विज्ञान की सहायता से मनुष्य ने खतरनाक बम बना लिए हैं | इससे अनेक बार विषैली गैसों तथा रेडियोधर्मी किरने विकीर्ण हो चुकी हैं | भोपाल गैस कांड और ओजोन गैस की परत का फटना इसके ज्वलंत उदाहरन हैं | यातायात की तेज गति के कारण भी मौतें होने लगी हैं | लोगों के शरीर पंगु होने लगे हैं | ये सब जीवन पर अभिशाप हैं |

अमानवीयता – आज का वैज्ञानिक मानव स्वार्थी, छली, चालाक, कृत्रिम और विलासी हो गिया है | दया, मानवता, श्रद्धा, आदर, कोमलता जैसे मानवीय गुणों से उसका नाता टूट गया है | ये बातें मनुष्य के लिए अशुभ हैं | विज्ञान ने मनुष्य को बेरोज़गार बना दिया है | सैंकड़ो आदमियों का कम करने वाली मशीनों ने कारीगरों के हाथ बेकार कर दिए हैं |

निष्कर्ष – सच बात यह है कि विज्ञान के सदुपयोग या दुरुपयोग को ही वरदान या अभिशाप कहते हैं | विज्ञान का संतुलित उपयोग जीवनदायी है | उसका अंधाधुंद दुरुपयोग विनाशकारी है |

June 23, 2016evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages1 CommentHindi Essay, Hindi essays

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